Home मध्य-प्रदेश सरकारी धन का दुरूपयोग करने वाले तीन और को नही मिली बेल

सरकारी धन का दुरूपयोग करने वाले तीन और को नही मिली बेल

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अनुसुचित जाति विकास विभाग में सरकारी धन के दुरूपयोग का मामला
भोपाल। प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने अनुसुचित जाति विकास विभाग में सरकारी धन का गवन करने वाले आरोपी भवानी भीख, भाउराव भलावी एवं अनिल पोलघंटवार का अग्रिम जमानत आवेदन सुनवाई के बाद निरस्त कर दिया। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अमित राय ने पक्ष रखा। एडीपीओ. अमित राय ने बताया कि आरोपी भवानी भीख कार्यालय आयुक्त अनुसूचित जाति विकास विभाग भोपाल में नागरकि अधिकार संरक्षण प्रकोष्ठ में वर्ष 1986 से 1991 तक कलेक्टर रेट पर कार्य करता था। वर्ष 1991 में रेग्युलर भृत्य के पद पर नियुक्त हो गया था। वर्ष 1993 से जिला कोषालय भोपाल में बिल लगाना, जिला कोषालय से चेक प्राप्त कर कैशियर को देने का काम करता था, इसके अतिरिक्त कार्यालयों में डाक लगाता था। विवेचना में आरोपी के वेतन खाते के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई, आरोपी भउराव भलावी कार्यालय आयुक्त अनुसूचित जाति विकास विभाग भोपाल में वर्ष 1987 से भृत्य के पद पर कार्यरत है एवं आरोपी अनिल पोलघंटरवार कार्यालय आयुक्त अनुसूचित जाति विकास विभाग भोपाल में वर्ष 1987 से सहायक ग्रेड-03 पद पर कार्यरत है। वर्ष 2006 में सहायक ग्रेड-02 पद पर पदोन्नत हुआ। भारतीय स्टेट बैंक शाखा फतेहगढ, भोपाल में आरोपियों का बैंक वेतन खाता है। भारत सरकार विशेष केन्द्रीय सहायता योजना अंतर्गत अनुसूचित जाति के आर्थिक रूप से कमजोर, बेरोजगार युवक और युवतियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिये रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं अंत्योदय स्वरोजगार योजना अंतर्गत अनुदान उपलब्ध कराने के लिये प्रतिवर्ष राशि प्राप्त होती है, जिसका आहरण कर अंत्योदय स्वरोजगार योजना राशि म.प्र. अनु. जाति वित एवं विकास निगम को उपलब्ध कराई जाती है। अनु. जाति विकास म.प्र. तथा कोषालय वल्लभ भवन के कर्मचारी तथा अधिकारीगणों ने धोखाधडी एवं षड्यंत्र पूर्वक दस्तावेजों की कूटरचना करते हुए 7 करोड रूपये का वित्तीय आहरण किया। थाना पुलिस ने धारा 420, 467, 471, 120 बी भादवि एवं 13(1) सहपठित 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत पंजीबद्ध कर 173(8) दण्ड प्रकिया संहिता के अंतर्गत विवेचना में लिया ।