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हाइकोर्ट से अंतर्राष्ट्रीय कछुआ तस्कर की छठवी बार भी खारिज हुई जमानत याचिका

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सर्वोच्च कोर्ट से भी निरस्त की जा चुकी है आरोपी की याचिका

जबलपुर,भोपाल। उच्च न्यायालय जबलपुर के द्वारा छठवी बार भी अन्तराष्ट्रीय तस्कर थमीम अंसारी, निवासी चैन्नई की जमानत याचिका  25.08.2020 को खारिज कर दी गई है। इसके पहले भी उच्च न्यायालय जबलपुर सेे  05 और सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली द्वारा 01 बार आरोपी थमीम अंसारी की जमानत याचिका खारिज की जा चुकी है।

लाल तिलकधारी कछुओं की तस्करी

सुधाविजय सिंह भदौरिया राज्य समन्वयक (वन्यप्राणी)  मध्य प्रदेश लोकअभियोजन भोपाल ने बताया कि अन्तराष्ट्रीय वन्यप्राणी तस्करों की धर पकड़ की दिशा में मध्यप्रदेश एसटीएफ (वन्यप्राणी) एंव टीएसएफ सागर को विशेष सफलता अर्जित हुई है। आरोपी थमीम अंसारी मामले में अक्टूबर 2017 से चेन्नई  जेल में निरूद्व है। एसटीएफ (वन्यप्राणी) के द्वारा चंबल नदी में पाये जाने वाले अत्यंत दुर्लभ प्रजाति के वन्यप्राणी कछुऐं रेड क्राउन रूफ टर्टल (लाल तिलक धारी कछुओं )की तस्करी विदेशों में बड़े  पैमाने में  किये जाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस प्रकरण में कुल 15 आरोपियों को देश के 04 राज्य से गिरफ्तार किये जा चुका है तथा 11 विदेशी नागरिको को आरोपी बनाया गया है जो कि 05 विभिन्न देशों के निवासी है। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास इंटरपोल के माध्यम से किये जा रहे है। इस गिरोह के एक अन्य मुख्य सरगना मन्नीवनन जो कि वर्तमान में सागर जेल में निरूद्व है उसको थाईलैण्ड पुलिस द्वारा प्रर्त्यापण पर सौपे जाने की मांग की गई है। आरोपी थमीम अंसारी द्वारा मध्यप्रदेश व उत्तरप्रदेश से उक्त अनुसूची 01 के विलुप्त प्राय वन्यप्राणी लाल तिलकधारी कछुओं की तस्करी मर्सडीज बेंज कार में की जाती थी। कार को भी जप्त कर राजसात किया जा चुका है।

6 माह में ट्रायल के निर्देश

पीआरओ मनोज त्रिपाठी ने बताया कि इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये माननीय सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली द्वारा प्रकरण की ट्रायल को 06 माह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिये हैै। वही प्रकरण के प्रभावी अभियोजन संचालन हेतु संचालक लोक अभियोजन मध्य प्रदेश पुरुषोत्तम शर्मा द्वारा सुधाविजय सिंह भदौरिया राज्य समन्वयक (वन्यप्राणी)  मध्य प्रदेश लोकअभियोजन भोपाल को अधिकृत किया है  । कोविड-19 की परिस्थितियों के  कारण प्रकरण की ट्रायल माननीय उच्च न्यायालय के मेमोरंडम में दिये गये दिशा निर्देशों के पालन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जा रही है।